देसीटून्ज़

जून 19, 2007

सर्वश्रेष्ठ और कार्यकुशल राष्ट्रपति कौन?

Filed under: आदम और हव्वा... — raviratlami @ 8:31 पूर्वाह्न

आदम और हव्वा… 

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सर्वश्रेष्ठ और सर्वाधिक कार्यकुशल राष्ट्रपति की एकमात्र योग्यता  यही तो है!

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7 टिप्पणियाँ »

  1. फिर तो मेरे नाम पर भी विचार किया जाए 😉

    टिप्पणी द्वारा pankaj bengani — जून 19, 2007 @ 9:38 पूर्वाह्न

  2. अह….सही है.

    टिप्पणी द्वारा संजय बेंगाणी — जून 19, 2007 @ 9:54 पूर्वाह्न

  3. मैडम सही बोली। 🙂

    टिप्पणी द्वारा श्रीश शर्मा — जून 19, 2007 @ 2:03 अपराह्न

  4. ये एक घर से दो आदमी….? नही हम विरोध करेगे झन्डा उठा कर,और वो भी मोदी के गुजरात से ! अब और विरोध करेगे,ये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगाये नही चलेगा
    आखिर फ़िर हम कहा जायेगे

    टिप्पणी द्वारा arun arora — जून 19, 2007 @ 3:57 अपराह्न

  5. रवि भाई और मित्र लोग निम्न्लिखित अ-राजनैतिक नामों पर विचार करें और सोचें कि इनमें से कोई इस महान देश का राष्ट्रध्यक्ष बन जाता तो क्या बात थी…?

    किरण बेदी

    शशि थरूर

    रतन टाटा

    टी.एन.शेषन

    शबाना आज़मी

    सुभाष कश्यप

    प्रणय राँय

    मेरे ज़हन में ये नाम उभरे हैं ..ऐसे कई नाम मित्रों के मन में उभर सकते हैं .दर-असल कुछ ऐसा होना चाहिये कि राष्ट्राध्यक्ष के रूप में एक बहुमुखी प्रतिभा का व्यक्ति इस पद पर नामज़द होना चाहिये( नामज़दगी के लिये सुप्रीम कोर्ट,राजनैतिक दलों से प्रमुखों,मीडिया,संस्कृति और समाज सेवा क्षेत्र से चुने हुए लोगों का एक निर्विवाद पैनल होना चाहिये) और राष्ट्रपति जी को वैधानिक सलाह देने के लिये सर्वोच्च न्यायालय के
    पदेन न्यायमूर्तियों की पीठ उपलब्ध होनीं चाहिये…अंतत: इस तरह के फ़ार्मूलों पर काम करना ही पडे़गा अन्यथा राजनैतिक दलों की महत्वाकांक्षाएं इस पद की गरिमा को लील जाएगी.

    टिप्पणी द्वारा भाषा-संवाद — जून 19, 2007 @ 4:19 अपराह्न

  6. 🙂 सही!!

    टिप्पणी द्वारा समीर लाल — जून 19, 2007 @ 4:36 अपराह्न

  7. क्या बात है।

    टिप्पणी द्वारा अभिनव — जून 20, 2007 @ 5:38 पूर्वाह्न


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