देसीटून्ज़

मई 10, 2007

राजनीति में भाईचारा ? कभी नहीं…

Filed under: राज की नीति — raviratlami @ 1:49 अपराह्न

आदम और हव्वा… 

rajneeti-mein-bhai-chara.jpg

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3 टिप्पणियाँ »

  1. सही फरमाया. भाई (मुंबई वाले) और चारा (बिहार वाला) दोनों अलग अलग तो खूब चल जाते हैं. 🙂

    टिप्पणी द्वारा समीर लाल — मई 10, 2007 @ 3:00 अपराह्न

  2. अरे वाह अब के नए करैक्टर, इनके नाम क्या हैं जी ? 🙂

    टिप्पणी द्वारा Shrish — मई 10, 2007 @ 6:30 अपराह्न

  3. सही कहा, वैसे समीरलालजी की टिप्पणी भी खुब है.

    टिप्पणी द्वारा संजय बेंगाणी — मई 11, 2007 @ 4:41 पूर्वाह्न


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