देसीटून्ज़

जनवरी 29, 2007

मेरा ये भारतरत्न किसी प्रमाणपत्र का मोहताज नहीं…

Filed under: आदम और हव्वा..., राज की नीति — raviratlami @ 11:00 पूर्वाह्न

आदम और हव्वा…

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8 टिप्पणियाँ »

  1. बहुत सही कहा रवि जी ।
    रफी का एक गीत “तुमसे कहूं इक बात परों से हल्की हल्की..” दस्तल फिल्म में मदन मोहन के संगीत में मुझे खास पसंद है, यदि कोई लिख दे सके तो…?

    टिप्पणी द्वारा जगदीश भाटिया — जनवरी 29, 2007 @ 11:58 पूर्वाह्न

  2. कृपया दस्तल को दस्तक तथा लिख को लिंक पढ़ें

    टिप्पणी द्वारा जगदीश भाटिया — जनवरी 29, 2007 @ 11:59 पूर्वाह्न

  3. बिल्कुल नहीं है जी.

    टिप्पणी द्वारा संजय बेंगाणी — जनवरी 29, 2007 @ 12:40 अपराह्न

  4. सही कह रहे हैं बिल्कुल.

    टिप्पणी द्वारा समीर लाल — जनवरी 29, 2007 @ 1:58 अपराह्न

  5. Baat pramaanpatra kee nahi, samman ki hai, aane vaali peedhiyon ko ye yaad dialte rahane ki hai ki Rafi matra ek aur PURANE SINGER nahi the,BHARAT RATN the.

    टिप्पणी द्वारा Ravindra Bhartiya — जनवरी 29, 2007 @ 5:26 अपराह्न

  6. जो सबके दिल का राजा हो उसे भारत रत्न

    टिप्पणी द्वारा उन्मुक्त — जनवरी 30, 2007 @ 3:29 पूर्वाह्न

  7. भारत के रत्न तो वे हैं ही…

    टिप्पणी द्वारा अतुल शर्मा — जनवरी 30, 2007 @ 9:18 पूर्वाह्न

  8. रफी साहब तो हिन्दुस्तान का नगीना हैं उनको इस तरह की उपाधि देने से ‘भारत रत्न’ का ही सम्मान बढ़ेगा।

    टिप्पणी द्वारा Shrish — जनवरी 30, 2007 @ 1:59 अपराह्न


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