देसीटून्ज़

जनवरी 5, 2007

मेरा टेंशन कभी खत्म होगा भी?

Filed under: आदम और हव्वा... — raviratlami @ 10:57 पूर्वाह्न

आदम और हव्वा…

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3 टिप्पणियाँ »

  1. खाना पकाने का टेंशन!!?
    लगता है हव्वा अभी आदम(!) के युग में ही जी रही है. रेडी टू इट खाने के पैकेट उपलब्ध है भई.

    टिप्पणी द्वारा संजय बेंगाणी — जनवरी 5, 2007 @ 1:00 अपराह्न

  2. बंदे की स्थिती मेरे जैसी दिखे है.. 🙂

    टिप्पणी द्वारा समीर लाल — जनवरी 5, 2007 @ 2:33 अपराह्न

  3. हा हा हा

    टिप्पणी द्वारा गिरिराज जोशी — जनवरी 5, 2007 @ 3:31 अपराह्न


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