देसीटून्ज़

दिसम्बर 28, 2006

कोई सिरफिरा ही य़ह लत छोड़ना चाहेगा…

Filed under: आदम और हव्वा... — raviratlami @ 6:14 पूर्वाह्न

आदम और हव्वा..

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2 टिप्पणियाँ »

  1. क्या बात करते है, हो सकता है शराब छुड़ाने वाला रसायण और भी नशीला हो.

    टिप्पणी द्वारा संजय बेंगाणी — दिसम्बर 28, 2006 @ 11:43 पूर्वाह्न

  2. मुर्ख हैं जो इस तरह के रसायन बनाने में और खोजने में समय जाया करते हैं. बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद. 🙂

    टिप्पणी द्वारा समीर लाल — दिसम्बर 28, 2006 @ 2:34 अपराह्न


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