देसीटून्ज़

दिसम्बर 26, 2006

एक अकेले को ही क्यों…?

Filed under: आदम और हव्वा... — raviratlami @ 10:02 पूर्वाह्न

आदम और हव्वा…

sadbuddhi.jpg

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3 टिप्पणियाँ »

  1. सबको सन्मति दे भगवान!

    टिप्पणी द्वारा प्रियंकर — दिसम्बर 26, 2006 @ 12:04 अपराह्न

  2. आवश्यकता तो सभी नेताओं को देने की है, मगर शुरुवात तो हो कम से कम. 🙂

    टिप्पणी द्वारा समीर लाल — दिसम्बर 26, 2006 @ 1:11 अपराह्न

  3. और सेक्स कांड मे फ़से मंत्रियों को भी 🙂

    टिप्पणी द्वारा PRABHAT TANDON — दिसम्बर 26, 2006 @ 3:11 अपराह्न


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