देसीटून्ज़

January 26, 2007

तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा…

Filed under: आदम और हव्वा..., सामाजिक — raviratlami @ 6:03 pm

आदम और हव्वा…resize-of-balaji.JPG

6 Comments »

  1. हे प्रभु, इनको माफ करना. :) :)

    Comment by समीर लाल — January 26, 2007 @ 6:37 pm

  2. शायद इसी लिये कहा है “भगवान के घर में देर है” लेकिन ये भी पता चल जाये कि जिन्होंने ये किया उनका क्या कुछ बुरा हुआ। शायद जनता कि आंख खुल जाय ये जानकर

    Comment by Tarun — January 27, 2007 @ 1:05 am

  3. हे, भगवान जाली नोटो का नया कारोबार शुरू किया है, खुब फले-फूले. आपको भी आपका हिस्सा पहूँचा दिया जाएगा. बस कभी पकड़े न जाएं.
    फिर इमानदारी से हिस्सा पहूँचा दिया गया.
    अब हो-हल्ला क्यों?

    Comment by संजय बेंगाणी — January 27, 2007 @ 4:35 am

  4. इस बारे में
    http://hindibaat.blogspot.com/2007/01/blog-post_26.html
    यहां भी पढ़ सकते हैं। आजकल भगवान को भी धोखा दिया जा कहा है।

    मनीषा

    Comment by मनीषा — January 27, 2007 @ 4:39 am

  5. कुछ नहीं होने वाला,अब भगवान को क्या पड़ी है, नोट जाली हो या असली…हमें भी कुछ ऐसा ही करना चाहिए तभी मंदिर की अराजकताए दूर होंगी…

    Comment by Divyabh — January 27, 2007 @ 9:05 am

  6. आपने वो नहीं सुना जब एक चोर मंदिर में घंटा उतारने के लिये शिवलिंग पर ही चढ़ गया तो शिव स्वंय प्रगट हो गये और बोले ऐसा भक्त पहली बार देखा जो स्वंय को ही मुझ पर अर्पित कर रहा है :)

    Comment by जगदीश भाटिया — January 27, 2007 @ 9:29 am


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