आदम और हव्वा..
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क्या बात करते है, हो सकता है शराब छुड़ाने वाला रसायण और भी नशीला हो.
Comment by संजय बेंगाणी — December 28, 2006 @ 11:43 am
मुर्ख हैं जो इस तरह के रसायन बनाने में और खोजने में समय जाया करते हैं. बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद.
Comment by समीर लाल — December 28, 2006 @ 2:34 pm
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क्या बात करते है, हो सकता है शराब छुड़ाने वाला रसायण और भी नशीला हो.
Comment by संजय बेंगाणी — December 28, 2006 @ 11:43 am
मुर्ख हैं जो इस तरह के रसायन बनाने में और खोजने में समय जाया करते हैं. बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद.
Comment by समीर लाल — December 28, 2006 @ 2:34 pm