आदम और हव्वा…
वाह चले अब अमेरिका वहीं से लिखा जायेगा ब्लाग!
Comment by अनूप शुक्ला — December 27, 2006 @ 7:43 am
कुछ चीजे पढ़ाई से नहीं, संस्कारों से आती है. बाकी सरकार जिसे जहाँ चाहे पढ़ाए.
Comment by संजय बेंगाणी — December 27, 2006 @ 9:29 am
लगता है कि हार्वर्ड और अमरीका के बुरे दिन शुरू हो गए हैं
Comment by Pratik Pandey — December 27, 2006 @ 10:00 am
अफ़सर पढ़े और लालू पढ़ावें हार्वर्ड को अब राम बचावें।
Comment by ratna — December 27, 2006 @ 1:26 pm
भारत के अफसर हार्वर्ड में पढ़ेंगे
और हार्वर्ड/अमरीका के अफसर लालफीताशाही सीखने भारत आयेंगे।
Comment by Shrish — December 28, 2006 @ 12:30 pm
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वाह चले अब अमेरिका वहीं से लिखा जायेगा ब्लाग!
Comment by अनूप शुक्ला — December 27, 2006 @ 7:43 am
कुछ चीजे पढ़ाई से नहीं, संस्कारों से आती है. बाकी सरकार जिसे जहाँ चाहे पढ़ाए.
Comment by संजय बेंगाणी — December 27, 2006 @ 9:29 am
लगता है कि हार्वर्ड और अमरीका के बुरे दिन शुरू हो गए हैं
Comment by Pratik Pandey — December 27, 2006 @ 10:00 am
अफ़सर पढ़े
और लालू पढ़ावें
हार्वर्ड को अब राम बचावें।
Comment by ratna — December 27, 2006 @ 1:26 pm
और हार्वर्ड/अमरीका के अफसर लालफीताशाही सीखने भारत आयेंगे।
Comment by Shrish — December 28, 2006 @ 12:30 pm