हमारे यहाँ समस्या का समाधान यह है की किसी एक को बलि का बकरा बना दिया जाय. क्रिकेट कि समस्या(!!) केवल चैपल की देन नहीं हैं. या बिना जरूरी मुद्दो पर हायतौबा मचाई जाय. किसानो की आत्महत्या बढ़ती आर्थिक शक्ति पर सवालिया निशान लगाती है. अच्छा व्यंग्य.
Comment by संजय बेंगाणी — November 29, 2006 @ 7:57 am
पता नही क्या होगा हमारे हिन्दुस्थान का.आज आपका पुरा ब्लाग पढ़ ..काफी अच्छी अच्छी रचनाएं हैं आपकी.जल्दी ही फिर आना होगा .
Hindi
Comment by Hindi Sagar — January 20, 2008 @ 8:26 am
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हमारे यहाँ समस्या का समाधान यह है की किसी एक को बलि का बकरा बना दिया जाय. क्रिकेट कि समस्या(!!) केवल चैपल की देन नहीं हैं.
या बिना जरूरी मुद्दो पर हायतौबा मचाई जाय.
किसानो की आत्महत्या बढ़ती आर्थिक शक्ति पर सवालिया निशान लगाती है.
अच्छा व्यंग्य.
Comment by संजय बेंगाणी — November 29, 2006 @ 7:57 am
पता नही क्या होगा हमारे हिन्दुस्थान का.आज आपका पुरा ब्लाग पढ़ ..काफी अच्छी अच्छी रचनाएं हैं आपकी.जल्दी ही फिर आना होगा .
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Comment by Hindi Sagar — January 20, 2008 @ 8:26 am